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बालोद

छात्र ने की आत्महत्या, स्कूल प्रबंधन पर उठे सवाल

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से बड़ी खबर आ रही है। यहां शिक्षक के बेटे ने स्कूल से आने के बाद अपनी जान दे दी। घटना को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जतायी जा रही है। इधर परिजनों की अंगुली स्कूल पर भी उठ रही है। 14 साल के छात्र के नाम सैय्यद तौसिफ था। घटना छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के ग्राम उमरादाह की है।

नाबालिग छात्र के पिता गवर्नमेंट स्कूल में हेड मास्टर हैं। उन्होंने बताया कि वह सुबह 8 बजे उसे स्कूल छोड़ने गए थे। दोपहर 2 बजे स्कूल की छुट्टी होने पर अपनी मां के साथ घर आया। इसके बाद वह खाना खाकर अपने रूम सोने चला गया।

नाबालिग छात्र के पिता ने आगे कहा कि सुबह 10 बजे स्कूल से फोन आया था। स्कूल प्रबंधन ने 12 बजे मुझे बुलाया था। लेकिन चुनाव ड्यूटी की वजह से जा नहीं पाया। स्कूल प्रबंधन की ओर से उन्हें जानकारी दी गई थी कि उनका बच्चा पढ़ाई में कमजोर है, ध्यान दीजिए। शायद बच्चे को सब्जेक्ट समझने में दिक्कत हो रही थी।

छात्र के पिता ने बताया कि वह अपने बेटे को स्कूटी से स्कूल लेकर गए। वह खुशी-खुशी स्कूल गया। उसकी मम्मी स्कूल से 3 बजे घर लाई। इसके बाद वह अपने रूम में सोने चला गया। जब मैं 6 बजे घर आया तो पूछा कि बच्चा कहां है। तब सोने की जानकारी मिली। जब दरवाजा नहीं खुला तो खिड़की की ओर से देखा। इसके बाद जिस हालात में वह हमें मिला। ऐसा समय किसी पिता को देखना ना पड़े।

मृतक बच्चे के पिता ने पुलिस को बयान देते हुए न्यायिक जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि 8वीं बोर्ड हो चुका था। इसके बाद बच्चे को लेकर स्कूल प्रबंधन की ओर से मुझे लगातार बुलाया जा रहा था।

मृतक छात्र उमरादाह के ब्लेज एकेडमी में 8वीं कक्षा में पढ़ता था। उसके पिता आसिफ रिजवी गर्ल्स प्राइमरी स्कूल में हेड मास्टर हैं। उनका छोटा बेटा भी उसी स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ाई करता है। SDOP देवांश सिंह राठौर ने कहा कि मर्ग कायम कर लिया गया है। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा के बाद शव को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां पोस्टमॉर्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। फिलहाल, आगे की जांच जारी है।

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